धनतेरस और दीपावली के मुहूर्त

23 October, 2019
धनतेरस और दीपावली के मुहूर्त

धनतेरस पांच दिन तक चलने वाले दीपावली पर्व का पहला दिन है| इसे धनत्रयोदशी धन्‍वंतरि त्रियोदशी या धन्‍वंतरि जयंती भी कहा जाता है| इसके बाद दीपों का त्योहार दिवाली और भगवान कृष्ण ने इंद्र देवता के घमंड को चूर-चूर पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने वाला पर्व यानी गोवर्द्धन पूजा की जाती है| फिर आता है भाई-बहन के अपार प्रेम और समर्पण का प्रतीक का पर्व भैया दूज |

दिवाली पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर धनतेरस यानी धनत्रयोदशी’ से हो जाएगी। इस बार धनतेरस के दिन शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बन रहा है। इस दिन बह्म व सिद्धि योग रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसारइस दिन जो भी शुभ कार्य या खरीददारी की जाएगी वह समृद्धिकारक होगी।

धनतेरस पर पूजन के अलावा सोना-चांदीबाइककारप्रापर्टीइलेक्ट्रानिक्स आदि सामान खरीदने के लिए सुबह से शाम तक तमाम मुहूर्त बन रहे है। आचार्य डा. यज्ञदत्त शर्मा के मुताबिक शुभ मुहूर्त में भगवान धन्वंतरि की पूजा करना शुभ होगा। घरों में पूजन का उत्तम मुहूर्त वृषभ लग्न में शाम बजकर 12 मिनट से बजकर 28 मिनट रहेगा। 

डा. यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि धनतेरस पर सूर्य कृत उभयचरी नामक महान शुभ फलदायक संयोग निर्मित हो रहा है। धनतेरस और दीपावली पर स्थिर लग्न में मां लक्ष्मीगणेशमां सरस्वती और कुबेर की पूजा सुख समृद्धि का वरदान बनेगा। 

धनतेरस पर खरीददारी के मुहूर्त 

Ø  इलेक्ट्रानिक उत्पाद और गैजेट खरीदने के लिए सुबह बजे से 2 बजकर 40 मिनट का समय शुभ रहेगा।

Ø  जिसे वाहन की खरीददारी करनी है उनके लिए दोपहर बजकर 12 तक का समय शुभ है। 

खरीदारी के शुभ मुहूर्त
बर्तनआभूषणकपड़े की खरीदारी करने वाले लोगों के लिए शाम 5:30 बजे तक शुभ रहेगा। 

घरेलू सामान की खरीदारी लोग 7:30 बजे तक कर सकते है। 

डा. यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि इस दिन भगवान धन्वंतरि का पूजन किया जाना चाहिए। इसे कामेश्वरी जयंती भी कहा जाता हैक्योंकि इस दिन के पूजन से कामनाएं पूरी होती है। आभूषण और धातुओं में स्वर्ण धातु का शुभ लग्न में खरीदने से धन की देवी लक्ष्मी का आगमन सदैव के लिए रहता है। 

 

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